आध्यात्मिक ज्ञान तथा भौतिक ज्ञान का महत्व हमारे जीवन में

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आध्यात्मिक ज्ञान तथा भौतिक ज्ञान

मैं आपसे पूछूं की इस सृष्टि की रचना क्यों हुई है इसका उद्देश्य क्या है? तो जीवन में बड़े-बड़े लोगों के पास भी जवाब नहीं होगा।


  चलिए जैसे मान लेते हैं आपने एक मोबाइल फोन लिया था तो आपको किसी व्यक्ति द्वारा पहले समझाया गया होगा. या नहीं ?
  अवश्य ही समझाया होगा या उस के साथ कोई मैनुअल आया होगा ।तो आप सोचिए अगर आपको कोई उस चीज का ज्ञान देने वाला नहीं होता उसके साथ मैनुअल चलाने की विधि नहीं होती तो आप ही बताइए उसका सदुपयोग होता या दुरुपयोग अवश्य ही उसका दुरुपयोग होता।

अब मैं आपसे एक प्रश्न करता हूं ध्यान पूर्वक सोच समझकर अपने मन में उत्तर दीजिएगा।

        आध्यात्मिक ज्ञान में और भौतिक ज्ञान में क्या अंतर है?

     प्रथम भौतिक विज्ञान यह बताता है इस संसार में वह वस्तु कैसे बनी वह वस्तु कुछ भी हो सकती है आपने जो वस्त्र धारण करें है या जिस माध्यम से आप यह ब्लॉग पढ़ रहे हैं वह वस्तु कैसे कार्य कर रही है।

  • आध्यात्मिक विज्ञान बताता है की वह वस्तु बनी ही क्यों?
  •  यह शरीर कैसे चलता है?
  •  यह भौतिक विज्ञान बताता है। परंतु यह शरीर है क्यों? यह आध्यात्मिक विज्ञान बताता है।
यह सृष्टि देखते हो आप ।इतनी सुंदरता पूर्वक जबरदस्त तथा यह बिल्डिंग देखते हो आप ।क्या यह अपने आप आ गई अपने आप तो नहीं आई होगी इसके पीछे बुद्धि रही होगी है ना। बताइए एक डिजाइन बनाया होगा एक नक्शा बना होगा।
तो भगवान में विश्वास करना तो 2 मिनट का काम है. परंतु भगवान में विश्वास ना करना बड़ा मुश्किल कार्य है मुश्किल चीज है

सोचिए कि कोई बनाने वाला है भगवान शब्द को छोड़िए। भगवान शब्द का अर्थ अधिक मनुष्य को नहीं पता होगा अर्थ ही क्या है?
बड़ी विचित्र बात है ना।

हम भगवान भगवान करते हैं परंतु हमें पता ही नहीं भगवान शब्द का अर्थ क्या है इसका कारण बताता हूं मैं ! इसका कारण है कि हमने भौतिक विज्ञान को क्रमबद्ध तरीके से लिया है । अपने जीवन में आपने भाषा के प्रथम चरण में अक्षर ज्ञान सीखा !

हमने सर्वप्रथम क्या किया क ख ग सीखा या पहले वाक्य बनाना सीखा?

पहले अक्षर ज्ञान लिया फिर शब्द ज्ञान लिया फिर वाक्य ज्ञान आया! इसी तरह अध्यात्मिक ज्ञान (परंतु आध्यात्मिक ज्ञान में हमारा यह दुर्भाग्य रहा) मे हमने क्या किया कहीं से कुछ उठा लिया कहीं से कुछ यह हमने किया। जिसके कारण वह विद्या में ज्ञान रूपी विद्या में तब्दील नहीं हुआ जिसको हम अंग्रेजी में एजुकेशन कहते है।

उदाहरण बड़े लोगों से आप अपने रोग के बारे में बताएंगे और पर वह डॉक्टरी ज्ञान मैं कुछ ना कुछ उपाय जरूर बताएंगे जैसे कि वह डॉक्टर हैं! पढ़ाई किसी ने नहीं की।
हां कुछ घरेलू नुस्खे जरूर जानते होंगे परंतु वह डॉक्टर का काम तो नहीं कर सकते ना है सही बात है या गलत बात है?
हां जी कहेंगे पेट में यह है यह कर ले देख पेट दर्द में अजवाइन से छुटकारा मिल जाएगा।

पेट दर्द में दिला तो रहे हो अजवाइन परंतु वह पेट का दर्द अल्सर (बीमारी का नाम) हुआ तो !अल्सर में तो अजवाइन अच्छी नहीं होती वह तो गर्म होती है !वह तो और बढ़ा देगी पेट दर्द को!
कभी विचार किया है! परंतु गैस हो अजवाइन खाओ बहुत फायदा देगी तो जब तक हम क्रमबद्ध तरीके से ही आध्यात्मिक ज्ञान लेते रहेंगे तो वह हमारे जीवन को सार्थक बनाती रहेगी!

आध्यात्मिक ज्ञान की महत्ता-

जब हम छोटे थे या अब भी- कुछ शुभ कार्य में जाने से पहले घर वालों द्वारा दही शक्कर खिलाकर तो भेजा ही होगा परंतु मै या आपने यह तो कभी ना कभी सोचा होगा कि वह अमेरिकन कहां दही खाते होंगे? वह कहां उपवास रखते हैं?वह कहां भगवान जी की आरतियां करते हैं? परंतु दुनिया में बोलबाला है। दुनिया में राज करते हैं। हमें शायद जवाब ना मिला हो या ना जानते हो परंतु जवाब है और था।

क्योंकि सबसे ज्यादा डिप्रेशन की दवाई वहीं खाई जाती है सबसे ज्यादा मानसिक तनाव अमेरिका में है हमारे भारत देश में अभी नहीं है! परंतु वह समय आ रहा है !आगे आ रहा है।
आप खुद देखिए जब व्यक्ति को कुछ समझ नहीं आता वह जीवन में कंट्रोल खोने लगता है तब वह नशा की ओर अपना दम बढ़ा देता है।

वह मूल चीज से भागना चाहता है नशे में क्या होता है ?आप भूल जाते हो?

अरे भूलने का मतलब आपने उसका हल निकाल लिया है आज उन देशों के अंदर- एक सनातनी (हिंदू) ने अपने पुत्र को भेजा पढ़ने के लिए पढ़ाई तो क्या करी वह महा बेकार आदमी बन गया ।ड्रग्स के चक्कर में पड़ गया घर आ गया पिता जी बड़ा समझा रहे हैं बहुत कोशिश करके देखा परंतु वाह बड़ी बुरी लत है।

यह नशे की आदत आराम से नहीं छोटी जाति!
तब बेटा क्या कहता आपकी जो फैक्ट्री है उसमें जो ट्रक चलाता है जो सामान लाता ले जाता है आप मुझे उसमें नौकरी दे दीजिए। जो आप उस ट्रक ड्राइवर को देते हो मुझे दे दिया करिएगा ! मैं आपको तंग कहां कर रहा हूं मैं तो कोने में पड़ा रहता हूं नशा करने वालों के बहाने कुछ अलग ही होते हैं।
-_-||

परंतु परंतु हम कहते हैं वह डिवेलप कंट्री है विकासशील देश हैं आध्यात्मिक ज्ञान क्या बतलाता है यह सृष्टि क्यों होती है देखें बच्चों को बच्चा क्यों कहते हैं? क्योंकि उसको अभी ज्ञान नहीं है। वह जब हमारे हाथ में कोई चीज या वस्तु आती है! तो हम कहते हैं कि यह वस्तु है क्या?

किससे लिए प्रयोग होती है?
सही बात है ना।

जब घर पर कोई मशीन बेचने वाला आता है हम पूछते हैं ना कि यह किस प्रकार कार्य करती है और सोचते हैं कि यह किस प्रकार मेरे काम की हो सकती है अगर वह अरुचिकर हुआ तो कहते हैं हां अब बात कर! परंतु अगर वह आपके काम की ना हो!

तो हम क्यों नहीं लेते पूरा जीवन तो हमने ऐसे ही निकाल दिया कभी जानने कोशिश नहीं करी की-

यह शरीर क्यों मिला है?
यह सृष्टि क्यों है?
तो वह मशीन के बारे में क्यों जानने की कोशिश करते हैं?
श्रीमद्भागवत गीता मे भगवान ने इस शरीर को बताऊं क्या कहां है -"यंत्र"


क्या यंत्र अपने आप चलता है या उसको कोई चलाता है ?चलाना पड़ता है उसी को आत्मा कहते हैं इसीलिए कहा गया है आप शरीर नहीं हो आप क्या हो आत्मा इसीलिए इससे मृत्युलोक मैं पूर्ण रूप से जीवन मरण के चक्र से नीवृत्त होने के लिए आध्यात्मिक ज्ञान का होना अति आवश्यक है!


आध्यात्मिक ज्ञान तथा भौतिक ज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्न (FAQ)


आध्यात्मिक ज्ञान और भौतिक ज्ञान में अंतर क्या है?

भौतिक ज्ञान कैसे वस्तुओं को बनाता है और कार्य करता है, जबकि आध्यात्मिक ज्ञान सच्चाई को जानने और आत्मा का अध्ययन करने के लिए होता है।

आध्यात्मिक ज्ञान का महत्व क्या है?

आध्यात्मिक ज्ञान हमें जीवन के उद्देश्य, शरीर और आत्मा के रहस्य, और संयोगों का ज्ञान प्रदान करता है।

आध्यात्मिक ज्ञान कैसे प्राप्त किया जा सकता है?

आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्ति के लिए ध्यान, मेधाशक्ति, ध्यान, और साधना की आवश्यकता होती है। धार्मिक प्राकृतिक और गुरु के मार्ग का अनुसरण करें।

आध्यात्मिक ज्ञान का लाभ क्या है?

आध्यात्मिक ज्ञान हमें आनंद, शांति, और संतुष्टि प्रदान करता है, साथ ही आत्मा के विकास और समृद्धि में मदद करता है।

क्यों होती है इस सृष्टि की रचना और इसका उद्देश्य क्या है?

सृष्टि की रचना का उद्देश्य है जीवों को अनुभव करने और आत्मा के विकास के लिए एक माध्यम प्रदान करना।

आध्यात्मिक ज्ञान के बिना जीवन का मूल्य क्या है?

आध्यात्मिक ज्ञान के बिना, जीवन अधूरा और अर्थहीन होता है, और मानवता की वास्तविक स्वभाविक स्थिति को समझने की क्षमता कम होती है।

आध्यात्मिक ज्ञान क्यों जरूरी है?

आध्यात्मिक ज्ञान हमें जीवन के असली महत्व को समझने में मदद करता है और हमें सही और धार्मिक दिशा में ले जाता है।

आध्यात्मिक ज्ञान के क्या फायदे हैं?

आध्यात्मिक ज्ञान हमें आनंद, शांति, संतुष्टि, और सामर्थ्य प्रदान करता है, साथ ही जीवन को एक गहराई से समझने में मदद करता है।

आध्यात्मिक ज्ञान के बिना जीवन कितना अधूरा होता है?

आध्यात्मिक ज्ञान के बिना, जीवन एक मात्रिक और भौतिक उत्पादन होता है, जो असली और दिव्य महम्हत्व नहीं होता। आध्यात्मिक ज्ञान हमें अंतर्दृष्टि और सही दिशा में जीने की क्षमता प्रदान करता है, जिससे हमारा जीवन सार्थक और खुशहाल होता है।


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